
बाइबल की दृष्टि में: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाई गई महामारी और 666
आखिरकार! आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पूरे 9 लाख करोड़ न्यूक्लियोटाइड्स का अध्ययन करके डीएनए के पैटर्न सीख लिए!
इस गहन अध्ययन के बाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने सोलह नए वायरस विकसित किए, जिन्हें वैज्ञानिक अपनी आंखों के सामने जीवित होते देख सके, और फिर उन्हें बैक्टीरिया को संक्रमित करते और अपनी प्रतिकृति बनाते हुए देखा! इस बात पर जरा सोचिए।
क्या यह वही सफलता है जिसका हम सब इंतजार कर रहे थे, जो मानव रोगों का इलाज लेकर आएगी? या यह संपूर्ण मानव विनाश की ओर जाने वाला रास्ता है?
क्या यही वह बात है जिसके बारे में यूहन्ना ने कहा था, जिन्होंने लगभग दो हजार वर्ष पहले बाइबल में प्रकाशितवाक्य की पुस्तक लिखी थी? क्या वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात कर रहे थे?
आपकी खरीदने और बेचने की क्षमता को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कैसे किया जा सकता है?
666 को लागू करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कैसे किया जा सकता है?
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग लोगों को, और आपको भी, धोखा देकर पशु का चिन्ह चाहने के लिए प्रेरित करने में किया जा सकता है?
और चौथी मुहर का क्या? क्या महामारी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच कोई संबंध हो सकता है?
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का खतरा केवल रोगजनकों के खतरे तक ही सीमित है? क्या इसके अलावा भी कुछ खतरे हैं जिनकी हमें चिंता करनी चाहिए?
सुनिए, जब Dr. Thiel इन सवालों पर बाइबल की सच्चाई का प्रकाश डालते हैं।
