
आखिरकार! अमेरिका के नज़रिए से, जर्मनी अब अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहा है और अपने मिलिट्री खर्च को बढ़ा रहा है।
जर्मनी के नेताओं ने ‘बेसिक लॉ’ (मूल कानून) में कर्ज़ पर लगी कानूनी पाबंदी को दरकिनार करने का एक तरीका ढूंढ लिया है। इससे वे ऐसी मिलिट्री और हथियार तैयार कर पाएँगे, जिनकी ज़रूरत उन्हें संभावित खतरों से खुद को बचाने के लिए महसूस होती है।
जर्मनी और NATO के 75% सदस्यों को लगता है कि उन्हें ये कदम उठाने ही होंगे, क्योंकि उन्हें लगता है कि अब वे अपनी मिलिट्री सुरक्षा के लिए अमेरिका पर पूरी तरह से निर्भर नहीं रह सकते।
क्या यह “चौथे राइख” (Fourth Reich) का उदय हो सकता है? अगर ऐसा है, तो इसका क्या मतलब होगा? पहले तीन राइख कौन से थे? एडॉल्फ हिटलर का नाज़ी जर्मनी तीसरा राइख था। उससे पहले दो और राइख थे। क्या चौथे राइख के उदय का संबंध ‘होली रोमन एम्पायर’ से हो सकता है?
एक “ईश्वर-विहीन राष्ट्र” के लिए इन सब बातों का क्या मतलब है? वह “ईश्वर-विहीन राष्ट्र” कौन सा है? क्या वह जर्मनी है या कोई और राष्ट्र? इसका जवाब आपको हैरान कर देगा।
