
जब पूरी दुनिया का ध्यान ईरान और उससे जुड़े मुद्दों पर था, तब यूरोपीय संघ (EU) दुनिया भर में व्यापारिक समझौते करने में व्यस्त था। अब दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश EU पर सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं। EU अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। EU ने भारत के साथ एक व्यापारिक समझौता किया है। EU मेक्सिको के साथ भी एक व्यापारिक समझौते की योजना बना रहा है। EU जल्द ही दक्षिण अमेरिकी मर्कसूर (Mercosur) देशों के साथ अपने समझौते को लागू करने वाला है। क्या इसकी भविष्यवाणी की गई थी? क्या यूरोप ही वह ‘अंतिम समय की बेबीलोनी पशु शक्ति’ (Babylonian beast power) बनकर उभरेगा? डॉ. थील और स्टीव डुपूई इन मामलों पर चर्चा करते हैं।
