
दस आज्ञाएँ और प्रकटवाक्य की दानव
प्रेरित पौलुस ने लिखा कि उनके समय में अधर्म का रहस्य विद्यमान था, लेकिन अंत समय में ‘पाप का मनुष्य’, ‘विनाश का पुत्र’ उभरकर आएगा। दुनिया इसे क्यों सहन करेगी? चिन्हों और झूठी अद्भुतताओं, आर्थिक ब्लैकमेल और उत्पीड़नों का क्या? अधर्म का रहस्य क्या है? क्या अधिकांश ईसाई धर्म ‘अधर्म के रहस्य’ का अभ्यास करते हैं? क्या अंत के दिनों में मसीहियों को दस आज्ञाओं का पालन करना चाहिए? क्या प्रकाशितवाक्य का वह जानवर, जिसे दानियेल 11 में उत्तर का राजा भी कहा जाता है, दस आज्ञाओं में से प्रत्येक का उल्लंघन करेगा और दस आज्ञाओं का पालन करने वालों को सताएगा? विरोधी मसीह इसमें कैसे शामिल होगा? क्या वास्तविक मसीहियों और जो नहीं हैं, उनके बीच एक बड़ा अंतर दस आज्ञाओं के प्रति उनका दृष्टिकोण होगा? डॉ. थील इन सवालों और भी बहुत कुछ का जवाब देते हैं।
